और एक दिन !

PrAtik_Barot
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 😌और एक दिन मुझे मेरी ज़िंदगी बुरी लगने लगी,

जिसको आबाद करने में मेरे माँ बाप 👪 की ज़िंदगी लग गयी ,🙆

सब सवालात अज़बर थे जो मुझसे पूछे गए मोहबत्त की अदालत में,😐

ये बात अलग है की इस सिफारिस में किसी और की नौकरी लग गयी !😶💔

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